द्वारा: MOHD TALHA
परिचय

अगर आप कभी जिम गए हैं, तो आपने लोगों को प्रोटीन शेक, पाउडर या गोलियाँ लेते देखा होगा। आजकल तो हर दूसरा जिम जाने वाला कोई न कोई सप्लीमेंट जरूर ले रहा है।
लेकिन असली सवाल यह है – क्या सच में इन सप्लीमेंट्स की जरूरत है? या फिर यह सिर्फ एक ट्रेंड है?
ब्राजील में एक वैज्ञानिक अध्ययन किया गया, जिसमें 723 जिम जाने वालों पर रिसर्च हुई। इसके नतीजे चौंकाने वाले हैं। आइए, इसी स्टडी के आधार पर समझते हैं पूरा सच।
https://notebooklm.google.com/notebook/ad488b9c-1322-4718-baf0-0cb51c86b45a
मुख्य नतीजे (एक नजर में)
| बात | आंकड़ा |
|---|---|
| कुल प्रतिभागी | 723 जिम मेंबर |
| सप्लीमेंट लेने वाले | 64.7% (लगभग 3 में से 2 लोग) |
| सबसे आम सप्लीमेंट | प्रोटीन और अमीनो एसिड (12%) |
| दूसरा सबसे आम | विटामिन-मिनरल (4.6%) |
| एक साथ कई सप्लीमेंट लेने वाले | 34.4% |
| सप्लीमेंट किसने सुझाया? | दोस्त (17.8%), खुद (15.8%), ट्रेनर (17.3%) |
| डायटीशियन ने सुझाया | सिर्फ 10.3% |
हैरान करने वाला सच: ज्यादातर लोग बिना जरूरत के सप्लीमेंट ले रहे हैं
स्टडी में पाया गया कि जो लोग सबसे ज्यादा सप्लीमेंट ले रहे थे, उनकी डाइट खराब नहीं थी। असल में, उनमें से ज्यादातर ने अपनी डाइट को “अच्छा” या “बहुत अच्छा” बताया।
तो फिर वह सप्लीमेंट क्यों ले रहे थे?
मुख्य कारण:
1. शरीर के वजन को लेकर गलत धारणा
जो लोग खुद को “आदर्श वजन से कम” समझते थे, उनमें सबसे ज्यादा (82.5%) सप्लीमेंट यूजर थे। उनका लक्ष्य सिर्फ मसल्स बढ़ाना था, न कि कोई पोषण की कमी पूरी करना।
2. वर्कआउट की तीव्रता
जो लोग अपनी ट्रेनिंग को भारी (intense) बताते थे, उनमें 79.9% सप्लीमेंट ले रहे थे। वहीं हल्की ट्रेनिंग करने वालों में यह संख्या सिर्फ 40.9% थी।
3. जिम एक्सपीरियंस
- नए मेंबर (1 महीने से कम) – सिर्फ 45% सप्लीमेंट लेते थे
- पुराने मेंबर (1 साल से ज्यादा) – 73.9% सप्लीमेंट लेते थे
मतलब साफ है – जितना ज्यादा समय जिम में बिताओगे, उतना दबाव बढ़ेगा सप्लीमेंट लेने का।
4. धूम्रपान करने वाले
धूम्रपान करने वालों में 88% सप्लीमेंट यूजर थे। इसकी वजह यह है कि उन्हें विटामिन सी लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि धूम्रपान से फ्री रेडिकल्स बनते हैं।
सबसे बड़ी समस्या: कोई पेशेवर सलाह नहीं
यहाँ सबसे खतरनाक बात आती है।
स्टडी में पूछा गया – “आपको सप्लीमेंट लेने की सलाह किसने दी?”
| किसने सलाह दी? | प्रतिशत |
|---|---|
| दोस्त / जान-पहचान वाले | 17.8% |
| खुद से (सेल्फ-प्रेस्क्रिप्शन) | 15.8% |
| जिम ट्रेनर | 17.3% |
| डायटीशियन | केवल 10.3% |
एक बार और पढ़ें: केवल 10 में से 1 व्यक्ति ने किसी योग्य पेशेवर से सलाह ली थी।
बाकी सभी ने अपने दोस्तों, जिम ट्रेनरों (जो सप्लीमेंट प्रेस्क्राइब करने के लिए योग्य नहीं हैं) या खुद से फैसला किया।
कौन से सप्लीमेंट सबसे ज्यादा लोकप्रिय थे?
| सप्लीमेंट का प्रकार | उपयोगकर्ताओं का प्रतिशत |
|---|---|
| प्रोटीन और अमीनो एसिड | 12.0% |
| विटामिन और मिनरल | 4.6% |
| कार्बोहाइड्रेट वाले | 3.5% |
| थर्मोजेनिक (फैट बर्नर) | 2.6% |
| क्रिएटिन | 1.5% |
| हर्बल उत्पाद | 2.9% |
| 2 या उससे ज्यादा एक साथ | 34.4% |
विज्ञान क्या कहता है?
इसी स्टडी और खेल पोषण विशेषज्ञों के अनुसार:
“बहुत कम अपवादों को छोड़कर, सप्लीमेंट्स की तब तक जरूरत नहीं होती, जब तक किसी व्यक्ति की डाइट मात्रा और गुणवत्ता दोनों में पर्याप्त हो और वह पर्याप्त पानी पी रहा हो।”
सीधे शब्दों में कहें तो – अगर आप संतुलित आहार ले रहे हैं, तो आपको प्रोटीन पाउडर, बीसीएए या मल्टीविटामिन की जरूरत नहीं है। आपका शरीर सब कुछ असली खाने से प्राप्त कर सकता है।
सप्लीमेंट सिर्फ तभी जरूरी हैं जब:
- आपकी डाइट में सच में कोई कमी हो
- आपको कोई बीमारी हो
- आप कोई इलीट एथलीट हों जिसकी न्यूट्रिएंट जरूरतें बहुत ज्यादा हों
एक सामान्य व्यक्ति जो हफ्ते में 3-5 बार जिम जाता है – उसके लिए असली खाना ही काफी है।
बिना सलाह के सप्लीमेंट लेने के नुकसान
बिना पेशेवर सलाह के सप्लीमेंट लेने से हो सकते हैं:
- किडनी और लिवर पर दबाव – ज्यादा प्रोटीन किडनी के लिए हानिकारक है
- पोषक तत्वों में असंतुलन – एक विटामिन की ज्यादा मात्रा दूसरे को ब्लॉक कर सकती है
- पैसे की बर्बादी – ज्यादातर सप्लीमेंट पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाते हैं
- मिलावट का खतरा – कई सप्लीमेंट्स चेक नहीं होते
- झूठा भरोसा – “मैंने प्रोटीन ले लिया तो बाकी कुछ भी खा सकता हूँ”
आपको क्या करना चाहिए?
कोई भी सप्लीमेंट लेने से पहले खुद से यह पूछें:
- क्या सच में मेरी डाइट में कमी है? (3 दिन का फूड डायरी रखें)
- क्या मैंने किसी योग्य डायटीशियन से सलाह ली है? (जिम ट्रेनर या दोस्त से नहीं)
- क्या मुझे सच में इसकी जरूरत है, या मैं सोशल मीडिया/जिम कल्चर से प्रभावित हूँ?
- क्या यह सप्लीमेंट scientifically proven है? (मार्केटिंग के झांसे में न आएं)
सुरक्षित तरीका:
- पहले पूरा खाना खाएं – अंडा, चिकन, मछली, दूध, दही, पनीर, दालें, सब्जियाँ
- खूब पानी पिएं – पानी सबसे अनदेखा लेकिन सबसे जरूरी सप्लीमेंट है
- अगर फिर भी लगे कि चाहिए, तो किसी रजिस्टर्ड डायटीशियन से मिलें
- बिना सलाह के कभी भी एक साथ कई सप्लीमेंट न लें
अंतिम फैसला
यह ब्राजीलियन स्टडी साफ बताती है कि ज्यादातर जिम जाने वाले लोग बिना किसी असली जरूरत और बिना पेशेवर सलाह के सप्लीमेंट ले रहे हैं। वे शरीर की छवि, जिम के दबाव और गलत जानकारी से प्रभावित हो रहे हैं।
सप्लीमेंट्स कोई जादू नहीं हैं। अगर आपकी डाइट और ट्रेनिंग खराब है, तो कोई भी सप्लीमेंट आपको मस्कुलर या फिट नहीं बना सकता। और बिना जरूरत के लेना – सिर्फ पैसे और सेहत दोनों को बर्बाद करना है।
याद रखें: कोई प्रोटीन पाउडर कभी घर के बने खाने की जगह नहीं ले सकता। और कोई गोली कभी असली सब्जियों की जगह नहीं ले सकती।
सन्दर्भ
यह लेख निम्नलिखित वैज्ञानिक अध्ययन पर आधारित है:
Hortegal EV, Cabral NAI, Veloso HJF. Factors associated with dietary supplement use by people who exercise at gyms. Centro Universitario do Maranhao, Sao Luis, Brazil. 2011-2012.
DOI:10.1590/S0034-8910.2015049005912
लेखक के बारे में
MOHD TALHA विज्ञान-आधारित स्वास्थ्य और फिटनेस जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम बिना कारण सप्लीमेंट्स को बढ़ावा नहीं देते। कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले हमेशा किसी योग्य पेशेवर से सलाह लें।
पोस्ट पसंद आया? इसे उस दोस्त के साथ साझा करें जो 5 सप्लीमेंट तो लेता है लेकिन 5 पुल-अप्स नहीं कर सकता। 💪
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